RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर शुरू हुआ विरोध अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। सरगुजा जिले के मैनपाट (राजापुर) में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिकपुरी के साथ शासकीय कर्तव्य के दौरान कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 1 जून 2026 से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन ‘कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश’ आंदोलन शुरू कर दिया है।

घटना के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिकारियों में गहरा आक्रोश है। आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी) ने भी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के समर्थन में उतरने का निर्णय लिया।

दो चरणों में आंदोलन की चेतावनी
राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। तय कार्यक्रम के अनुसार पहले तीन दिनों तक अधिकारी काली पट्टी बांधकर कार्यालयों में विरोध दर्ज कराएंगे, जबकि अंतिम दो दिनों में सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इससे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन
राजस्व पटवारी संघ ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने भी प्रस्ताव पारित कर घटना की निंदा की और शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

प्रभावित होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य
आंदोलन के कारण नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होंगे। कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की अदालतों का संचालन भी बाधित रहेगा, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक समन्वय में भी व्यवधान की आशंका जताई जा रही है।

संघ ने दी बड़ी चेतावनी
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने स्पष्ट कहा है कि यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई और अधिकारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध नहीं कराया गया, तो प्रदेश में उत्पन्न होने वाले प्रशासनिक गतिरोध की पूरी जिम्मेदारी शासन और उच्च प्रशासन की होगी।




































