BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कॉलोनी के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कांग्रेस के पूर्व महापौर राजेश पांडेय और उनके बेटे राहुल पांडेय पर एक बिल्डर के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का कथित सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता और बिल्डर अमित शर्मा ने पुलिस को बताया कि रविवार को कॉलोनी की सोसायटी बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कॉलोनी के गेट तक जाने वाले खराब रास्ते की सफाई और मरम्मत को लेकर चर्चा हुई। बारिश के मौसम को देखते हुए रहवासियों ने रास्ते को जल्द व्यवस्थित करने की सहमति बनाई थी।

बैठक खत्म होने के बाद जब कॉलोनीवासी गेट के पास पहुंचे, तभी पूर्व महापौर राजेश पांडेय और उनके बेटे राहुल पांडेय मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने मिनोचा कॉलोनी स्थित शिवम एंक्लेव अपार्टमेंट के पास रास्ते में काम कराने का विरोध शुरू कर दिया और अपने हिस्से के रास्ते के उपयोग की बात कहते हुए बहस करने लगे।

पैर खींचकर गिराया, पत्थर से हमला करने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, जब कॉलोनी के लोग समस्या समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी माहौल अचानक गरमा गया। आरोप है कि राहुल पांडेय ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद इतना बढ़ गया कि रास्ते में लेटकर काम रुकवाने की कोशिश भी की गई।
इसी दौरान अमित शर्मा का पैर खींचकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिता-पुत्र ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और पत्थर से सिर व दाहिने कंधे पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गए। घटना में उनका चश्मा भी टूट गया।

धमकी के आरोप से सहमे रहवासी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। कॉलोनी के बीच हुई इस घटना के बाद रहवासियों में भय और तनाव का माहौल बताया जा रहा है।
घटना के बाद अमित शर्मा ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पूर्व महापौर राजेश पांडेय और राहुल पांडेय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





































