RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों (SAGES) में संविदा भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने जिलों में जारी सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक संविदा भर्तियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार, अब भर्ती प्रक्रिया का संचालन जिला स्तर के बजाय राज्य स्तर से किया जाएगा। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों और स्थानीय प्रबंधन समितियों की भर्ती संबंधी शक्तियां वापस लेते हुए पूरी प्रक्रिया को केंद्रीकृत कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से विभिन्न जिलों में संविदा नियुक्तियों के दौरान पक्षपात, भाई-भतीजावाद और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें शासन तक पहुंच रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर शासन ने भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है।
आदेश में स्पष्ट निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 246 में कहा गया है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में वर्तमान में संचालित सभी संविदा भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है।

अब ऐसे होगी भर्ती प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त पदों के लिए राज्य स्तर पर संयुक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा का संचालन केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा परिणाम के आधार पर संचालनालय स्वयं पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट सूची तैयार करेगा और संबंधित जिलों को उपलब्ध कराएगा।
इसके बाद जिलों में नियुक्ति की प्रक्रिया मेरिट सूची के अनुसार पूरी की जाएगी। शासन ने संकेत दिए हैं कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

विभाग में हलचल, अभ्यर्थियों को निष्पक्ष चयन की उम्मीद
शासन के इस फैसले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिला स्तर पर भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप की संभावनाएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी और जिला अधिकारियों की भूमिका सीमित रह जाएगी।
इस आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, सभी संभागीय संयुक्त संचालकों तथा जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है। साथ ही आदेश के तत्काल पालन का प्रतिवेदन भी मांगा गया है।

सरकार के इस कदम को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे प्रदेश के हजारों योग्य एवं प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।


































