NEW DELHI NEWS. देश में आज भी कई ऐसे छात्र हैं जो पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण अपनी शिक्षा जारी नहीं रख पाते। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों के परिवारों में बच्चों की पढ़ाई अक्सर आर्थिक चुनौतियों की भेंट चढ़ जाती है। ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने से बचाने और उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) संचालित कर रही है। यह योजना उन मेधावी छात्रों के लिए है जिनके परिवार की आय सीमित है।

इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। NMMSS के तहत चयनित छात्रों को सालाना 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यानी विद्यार्थियों को औसतन 1,000 रुपये प्रति माह की सहायता मिलती है। यह राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है। यदि छात्र निर्धारित शर्तों को पूरा करता है तो उसे 9वीं से 12वीं तक लगातार चार वर्षों तक इस योजना का लाभ मिल सकता है।

जानिए कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना का लाभ सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र उठा सकते हैं। हालांकि कुछ संस्थानों के विद्यार्थी इसके लिए पात्र नहीं हैं।
इन छात्रों को नहीं मिलता लाभ
जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र
केंद्रीय विद्यालय के छात्र
निजी आवासीय (रेजिडेंशियल) स्कूलों के छात्र

पात्रता के लिए कितने अंक जरूरी?
छात्र को कक्षा 7वीं की परीक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त होना जरूरी है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाती है। यानी इन वर्गों के छात्रों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक पर्याप्त हैं।
परिवार की आय सीमा
योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को दिया जाता है। इसके लिए छात्र के माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन के समय वैध आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
कक्षा 7वीं की मार्कशीट
आय प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
बैंक खाते की जानकारी
स्कूल प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो (यदि मांगी जाए)

ऐसे होता है चयन
NMMSS छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को एक चयन परीक्षा देनी होती है। यह परीक्षा राज्य सरकारों द्वारा आयोजित की जाती है और सामान्यतः नवंबर महीने के आसपास आयोजित होती है। परीक्षा में मानसिक क्षमता और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। मेरिट सूची में स्थान पाने वाले छात्रों का चयन छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।

































