RAIPUR NEWS. रायपुर में भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में एक शातिर आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायपुर लाया जा रहा है और पुलिस आज सुबह पूरे मामले का खुलासा करेगी। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने विधायक को फोन कर खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन का पीए बताया था। उसने दावा किया कि वह भुवनेश्वर जा रहा है और रास्ते में ड्राइवर से विवाद होने के कारण फंस गया है। इसी बहाने उसने डीजल और जरूरी खर्च के लिए पैसों की मांग की।

आरोपी ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी थीं, जिनमें नितिन नवीन समेत कई बड़े नेताओं की फोटो शामिल थीं। इसी वजह से उसकी बात पर भरोसा हो गया। पहले उसने 4,500 रुपए मांगे, लेकिन परेशानी की बात सुनकर विधायक ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के जरिए आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपए ट्रांसफर करा दिए।

हालांकि करीब डेढ़ घंटे बाद जब आरोपी ने फिर से पैसों की मांग की, तब विधायक को शक हुआ। उन्हें लगा कि इतनी जल्दी भुवनेश्वर पहुंचने और दोबारा रकम मांगने की बात संदिग्ध है। इसके बाद उन्होंने सीधे नितिन नवीन के कार्यालय में संपर्क किया, जहां से पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत ही नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन ओडिशा में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। घटना के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर तुरंत भरोसा न करें। खासकर जब कोई आर्थिक मदद मांगे, तो पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि जरूर करें। सत्यापन के बाद ही किसी प्रकार का लेनदेन करें।

पहले धरमलाल कौशिक भी हुए थे वारदात के शिकार
राजधानी रायपुर में भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की यह दूसरी बड़ी घटना मानी जा रही है। इससे पहले धरमलाल कौशिक देवेंद्र नगर इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट की घटना का शिकार हुए थे। हालांकि उस मामले में पुलिस ने आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।




































