Jhansi BJP Leader News. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 100 करोड़ रुपये के ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट मामले में मुख्य आरोपी और भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष आशीष उपाध्याय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम में, आशीष उपाध्याय को जेल से रिहा होते ही पुलिस ने मात्र चंद सेकंड के भीतर दोबारा गिरफ्तार कर लिया।

क्या है मामला
आशीष उपाध्याय पर 100 करोड़ रुपये के बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालन का आरोप है। इस मामले में नवाबाद पुलिस ने अप्रैल के अंत में गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद आशीष फरार हो गया था। झांसी पुलिस ने उसे दिल्ली के चाणक्यपुरी से गिरफ्तार किया था।
बुधवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे जेल से रिहा किया जाना था। दोपहर करीब 2:30 बजे जैसे ही वह जेल के गेट से बाहर निकला, वहां पहले से मौजूद सीपरी बाजार थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम ने उसे एक अन्य मामले में हिरासत में ले लिया।
दोबारा गिरफ्तारी की वजह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, आशीष की यह गिरफ्तारी बेनामी संपत्ति और धोखाधड़ी से जुड़े एक नए मामले में हुई है। हाल ही में झांसी की ‘रॉयल सिटी’ में पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे।
इस मामले में दो महिलाओं की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। पूछताछ और जांच में यह सामने आया कि इस बेनामी संपत्ति सिंडिकेट के तार भी आशीष उपाध्याय से जुड़े हुए हैं।
राजनीतिक रसूख और कार्रवाई
आशीष उपाध्याय न केवल भाजपा किसान मोर्चा का कोषाध्यक्ष रहा है, बल्कि वह जिला सहकारी बैंक के निदेशक पद पर भी तैनात था। 100 करोड़ के सट्टा मामले में नाम आने के बाद से ही उसे पार्टी में असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था।
पुलिस का कहना है कि सट्टेबाजी से अर्जित धन को बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया था, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद जेल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिलहाल आशीष को अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है।




































