MANEDRAGARH NEWS. मनेंद्रगढ़ जिले के पूर्व कलेक्टर डॉ. राहुल वेंकट के तबादले के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने उनके पूरे कार्यकाल को “जनता की बर्बादी का दौर” बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कमरो ने कहा कि जिले में विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार, तानाशाही और अव्यवस्था की चर्चा रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कलेक्टर जनता की समस्याओं से दूर केवल अपने चैंबर तक सीमित रहे। ग्रामीणों और जरूरतमंदों को प्रशासनिक संवेदनहीनता का सामना करना पड़ा। साथ ही कर्मचारियों को नियम विरुद्ध निलंबित और बर्खास्त कर भय का माहौल बनाने का भी आरोप लगाया।

पूर्व विधायक ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण कोटाडोल स्कूल के 36 छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, जबकि जिले की शिक्षा रैंकिंग गिरकर 33वें स्थान पर पहुंच गई। युक्तियुक्तकरण के नाम पर महिला शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजकर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप भी लगाया गया।

कमरो ने प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शासन की रोक के बावजूद बाहरी NGO को लाभ पहुंचाया गया और महिला बाल विकास विभाग की संविदा भर्तियों में नियमों की अनदेखी की गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में गरीबों और ग्रामीणों को निशाना बनाने तथा प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया गया।

धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने प्रशासन को घेरा। कमरो ने कहा कि किसान खरीदी केंद्रों में परेशान होते रहे, जबकि प्रशासन केवल कागजी उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त रहा।
अपने बयान के अंत में पूर्व विधायक ने कहा कि इस कार्यकाल में न किसान संतुष्ट था, न कर्मचारी और न ही आम जनता। उन्होंने इसे जिले के लिए “प्रशासनिक विफलता का काला अध्याय” बताया।





































