NEW DELHI NEWS. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति का नया नक्शा खींच दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को पार्टी ऐतिहासिक बता रही है। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घोषणा की है कि नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को होगा।

खास बात यह है कि इसी दिन रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी है, जिसे बांग्ला कैलेंडर के अनुसार 25 वैशाख के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के चेहरे और शपथग्रहण समारोह में शामिल होने वाले नेताओं को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है। कोलकाता की भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

इस हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं और आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की है। तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी अब एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी।वहीं, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 107 सीटें जीती हैं।

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जीत के बाद कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया और इसे विकास की जीत बताया। केरल में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर विपक्षी खेमे को कुछ राहत दी है। पार्टी नेता वी.डी. सतीशन ने इसे जनादेश का सम्मान बताया और समर्थकों के साथ जश्न मनाया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों को छोटी राजनीति से ऊपर उठने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह समय किसी एक पार्टी की हार-जीत पर खुश होने का नहीं, बल्कि देश के व्यापक हितों पर सोचने का है। इन चुनाव नतीजों के बाद देश की करीब 78% आबादी और 72% भूभाग पर भाजपा और उसके सहयोगियों का प्रभाव बढ़ गया है। बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में बदलाव से विपक्षी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है।






































