NEW DELHI NEWS. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भारत की बढ़ती ताकत की खुलकर तारीफ हुई। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत को दुनिया के तीन ताकतवर देशों में शामिल बताया। उन्होंने भारत के साथ चीन और रूस को आर्थिक रूप से मजबूत और परमाणु शक्ति संपन्न देश बताया। खास बात यह रही कि उनकी इस सूची में अमेरिका का जिक्र नहीं आया। SCO समिट को संबोधित करते हुए लुकाशेंको ने कहा कि देशों की बराबरी अपनी जगह है, लेकिन मौजूदा वैश्विक शक्ति संतुलन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने चीन, रूस और भारत को तीन ताकतवर देशों के तौर पर गिनाते हुए इनकी आर्थिक और परमाणु क्षमता का उल्लेख किया।

लुकाशेंको का यह बयान ऐसे समय आया है, जब SCO के मंच पर सदस्य देश सुरक्षा, आतंकवाद और बदलते वैश्विक समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं। SCO शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा मापदंड अपनाए जाने को अस्वीकार्य बताया गया। सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणा-पत्र में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई और ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा की। इस घोषणा-पत्र को बिश्केक घोषणा-पत्र नाम दिया गया है। SCO देशों ने आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा, सूचना संरक्षण और नए तरह के अपराधों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच समन्वय मजबूत करने पर सहमति बनी।

शिखर सम्मेलन में भारत ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद व चरमपंथ जैसे अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय की ओर से 13 फैसलों की जानकारी दी गई। इनमें SCO सदस्य देशों की सुरक्षा से जुड़े खतरों और चुनौतियों से निपटने के लिए सार्वभौमिक केंद्र के नियमों को मंजूरी देना भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO मंच से आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख रखा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को सरकारी नीति के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देशों का मुकाबला किया जाना चाहिए। SCO में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। ऐसे में शिखर सम्मेलन के मंच से आतंकवाद पर भारत का संदेश खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





































