RAIPUR NEWS. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव के बाद अब राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बीजेपी को नया प्रदेश प्रभारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन के पास छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी नहीं रही, जिसके बाद यह पद फिलहाल खाली है।

नए प्रदेश प्रभारी के लिए पार्टी के भीतर चार नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, संगठन के अनुभवी नेता सुनील बंसल, मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल और उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी शामिल हैं।
राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद बढ़ी हलचल
बीजेपी ने हाल ही में राष्ट्रीय संगठन की नई टीम का ऐलान किया है। 17 अगस्त को घोषित टीम में स्मृति ईरानी, गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सुनील बंसल को भी राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया है।
नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद अब विभिन्न राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा होना है। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के लिए भी नए प्रभारी के नाम पर मंथन चल रहा है।

स्मृति ईरानी का नाम सबसे आगे
चार संभावित नामों में स्मृति ईरानी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ईरानी बीजेपी की राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख चेहरा रही हैं। नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका फिर बढ़ी है। पार्टी में उन्हें प्रभावी वक्ता और राजनीतिक एवं संगठनात्मक मामलों की समझ रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है।
सुनील बंसल का मजबूत संगठनात्मक अनुभव
सुनील बंसल भी छत्तीसगढ़ प्रभारी की दौड़ में महत्वपूर्ण नाम माने जा रहे हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय बंसल चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर तक पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय महासचिव के पद पर उन्हें बरकरार रखा गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी उन्हें मिलने की संभावना पर भी चर्चा है।

गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी भी दावेदार
गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। दोनों को नई राष्ट्रीय टीम में महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। हरीश द्विवेदी पहले असम के प्रभारी के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं, गजेंद्र पटेल को मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली है।
छत्तीसगढ़ के लिए प्रभारी की भूमिका अहम
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रदेश प्रभारी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। इसके अलावा सरकार और संगठन के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, चुनावी रणनीति और पार्टी के विस्तार में भी उसकी अहम भूमिका रहती है।
राष्ट्रीय संगठन में छत्तीसगढ़ को भी मिला प्रतिनिधित्व
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में प्रदेश संगठन के लिहाज से नए प्रभारी की नियुक्ति को भी अहम माना जा रहा है।

संगठन बैठक के बाद हो सकता है ऐलान
अब नजरें बीजेपी की आगामी संगठनात्मक बैठक और केंद्रीय नेतृत्व के मंथन पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। चार संभावित नामों में से किस नेता को प्रदेश की जिम्मेदारी मिलती है, इसका खुलासा आने वाले दिनों में होने की संभावना है।





































