PATNA NEWS. बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी उठापटक के बीच बुधवार को बड़ा बदलाव सामने आया। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। राज्यपाल अता हुसैन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी के साथ ही नई सरकार का भी गठन हुआ, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेताओं बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कार्यक्रम में नीतीश कुमार भी मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना कई मायनों में अहम है, क्योंकि वह बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। मंगलवार (14 अप्रैल) को उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। एनडीए गठबंधन के समर्थन के साथ उन्होंने आसानी से बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है।

नई सरकार में सहयोगी दल जेडीयू को भी अहम भूमिका दी गई है। पार्टी की ओर से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं—बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी। यह कदम गठबंधन संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने पंचरूप हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे शपथ ग्रहण समारोह के लिए लोकभवन पहुंचे, जहां एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्होंने बिहार के विकास के लिए काम किया और अब नई सरकार को पूरा सहयोग देंगे। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हुआ और अंततः सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार अस्तित्व में आ गई।

नीतीश कुमार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। बिहार में अभी मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ओर से बधाइयां मिल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत है।






































