RAIPUR NEWS. शहर काज़ी के खिलाफ मिली गंभीर शिकायत पर राज्य वक्फ बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर के शहर काज़ी आरिफ अली फारूकी को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। यह निर्णय जांच पूरी होने के बाद सर्वसम्मति से लिया गया। बोर्ड के प्रमुख सलीम राज ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया है।

क्या थे आरोप?
शिकायत के अनुसार, शहर काज़ी आरिफ अली फारूकी पर आरोप था कि वे महिलाओं को फोन कर उनसे अनुचित और आपत्तिजनक बातचीत करते थे। इस संबंध में पीड़िता ने कुछ समय पहले वक्फ बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर बोर्ड ने समाज के प्रमुख लोगों की बैठक बुलाई।

बैठक में मामले को गंभीर मानते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया और आरोपी काज़ी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का निर्णय लिया गया।

बोर्ड ने जारी किया लिखित आदेश
वक्फ बोर्ड द्वारा जारी लिखित आदेश में कहा गया है कि मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन यतीमखाना, बैजनाथपारा क्षेत्र से संबंधित शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। समाज और उलेमा समुदाय में इस घटना को लेकर नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद 31 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से पद से हटाने का निर्णय लिया गया।

कौन होता है काज़ी और क्या होती है जिम्मेदारी?
काज़ी मुस्लिम समाज में धार्मिक मार्गदर्शक और निकाह से जुड़े कार्यों को संपन्न कराने वाला पद होता है। उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में निकाह कराना, वैवाहिक विवादों में सलाह देना, विरासत और पारिवारिक मामलों में मार्गदर्शन करना तथा धार्मिक दस्तावेजों का सत्यापन करना शामिल होता है। भारत में काज़ी की भूमिका मुख्य रूप से धार्मिक और सामाजिक स्तर तक सीमित रहती है, जबकि कानूनी निर्णय अदालतों द्वारा किए जाते हैं।




































