RAPUR NEWS. रायपुर फैमिली कोर्ट में तलाक की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर खम्हारडीह पुलिस ने पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला पहले तमिलनाडु के कोयम्बटूर के आरएस पुरम थाने में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में रायपुर भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, कोयम्बटूर निवासी मुकेश संचेती ने शिकायत में बताया है कि उनकी शादी करीब 17 वर्ष पहले सिया संचेती से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। वैवाहिक विवाद के चलते रायपुर फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका पर सुनवाई चल रही है।

शिकायत के अनुसार, 27 अप्रैल को फैमिली कोर्ट में तलाक की सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये और गुजारा भत्ता देने की मांग की गई। आरोप है कि इसी दौरान पत्नी के भाई अंकित गोल्छा ने मांग के मुताबिक हलफनामे पर हस्ताक्षर नहीं करने पर शिकायतकर्ता को रायपुर से सुरक्षित वापस नहीं जाने देने की धमकी दी।

शिकायत में भूरूमल कोटड़िया पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद अगले दिन अमित गोल्छा द्वारा फोन कर कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने की बात कही गई है। घटना को लेकर सबसे पहले कोयम्बटूर के आरएस पुरम थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

दरअसल, इस मामले का संबंध रायपुर से था, इसलिए एफआईआर को संबंधित थाने भेज दिया गया। दस्तावेज मिलने के बाद खम्हारडीह पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, फोन कॉल और फैमिली कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।





































