RAIPUR NEWS. मोवा की एक लोन कंपनी के ग्राहकों को किश्त जमा करने के नाम पर फोन और व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर 86,008 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर तीन ग्राहकों को बैंक खाता और UPI ID भेजी। ग्राहकों ने इसे कंपनी का आधिकारिक अकाउंट समझकर रकम जमा कर दी। बाद में जब कंपनी के कर्मचारी किश्त लेने पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले में क्रेडिट सी लोन (मेघदूत मर्केन्टाईल प्राइवेट लिमिटेड) के असिस्टेंट मैनेजर प्रदुमन लिमसाकरे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के मुताबिक कंपनी ने अलग-अलग तारीखों में ब्रिजन जूड लाई, शेख फसीउद्दीन और शेख सलीम को पर्सनल लोन दिया था। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने तीनों ग्राहकों से संपर्क किया और खुद को लोन कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोपी ने ग्राहकों को फोन करने के साथ ही व्हाट्सऐप पर मैसेज भी भेजे। उसने लोन की किश्त जमा करने के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट और UPI ID उपलब्ध कराई। ग्राहकों ने इसे कंपनी का आधिकारिक भुगतान माध्यम समझ लिया।

आरोपी की बातों में आकर तीनों ग्राहकों ने उसके बताए खाते और UPI ID पर रकम ट्रांसफर कर दी। इनमें पहले ग्राहक ने 55,808 रुपए बैंक खाते में जमा किए। दूसरे ग्राहक ने 20,200 रुपए ट्रांसफर किए। तीसरे ग्राहक ने 10,000 रुपए UPI के जरिए जमा किए। इस तरह तीनों से कुल 86,008 रुपए की रकम ठग ली गई। रकम जमा होने के बाद आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर बंद हो गए। ग्राहकों को लगा कि उन्होंने लोन की किश्त कंपनी के खाते में जमा कर दी है।

कुछ समय बाद जब फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी तीनों ग्राहकों के पास लोन की किश्त लेने पहुंचे, तो उन्होंने पहले ही भुगतान किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद कंपनी ने बैंक खाते और UPI ID की जांच की, तब पता चला कि जिन माध्यमों से पैसे जमा कराए गए थे, वे कंपनी के नहीं थे। इसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस अब आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और UPI ID की जानकारी जुटाकर उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।





































