RAIPUR NEWS. बस्तर घूमने का सपना लेकर ऑनलाइन रिसॉर्ट बुक किया, एडवांस पैसा भी दे दिया… लेकिन जब पर्यटक चित्रकोट पहुंचे तो सामने आया ऐसा सच जिसने उनके होश उड़ा दिए। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रतिष्ठित दंडामी लग्जरी रिसॉर्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्यटकों से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने सिर्फ रिसॉर्ट का नाम ही नहीं चुराया, बल्कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का लोगो, रिसॉर्ट की तस्वीरें और अधिकारियों के पदनाम तक इस्तेमाल कर हूबहू वेबसाइट तैयार कर दी। यही वजह रही कि गूगल पर रिसॉर्ट तलाश रहे पर्यटकों को वेबसाइट असली लगी और वे ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर एडवांस रकम भेज बैठे।

मामला बस्तर के चित्रकोट स्थित दंडामी लग्जरी रिसॉर्ट से जुड़ा है। ठगों ने रिसॉर्ट के नाम से ऐसी वेबसाइट तैयार की, जिससे पहली नजर में उसके फर्जी होने का अंदाजा लगाना मुश्किल था। पर्यटक जब गूगल पर रिसॉर्ट की जानकारी और ऑनलाइन बुकिंग तलाशते थे, तो इसी वेबसाइट तक पहुंच जाते थे। इसके बाद वेबसाइट पर दिए गए संपर्क नंबरों के जरिए उनसे बातचीत की जाती और बुकिंग कन्फर्म करने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।

पुलिस के मुताबिक फर्जी वेबसाइट के जरिए पर्यटकों से संपर्क करने के लिए तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। इन नंबरों के जरिए बुकिंग की बात कर पर्यटकों से एडवांस रकम ली गई।ठगी का असली खुलासा तब हुआ, जब कुछ पर्यटक बस्तर घूमने पहुंचे और दंडामी रिसॉर्ट में अपने नाम की बुकिंग कराने लगे। लेकिन रिसॉर्ट प्रबंधन ने जब रिकॉर्ड चेक किया तो उनके नाम से कोई बुकिंग थी ही नहीं। यानी जिन कमरों के लिए पर्यटकों ने ऑनलाइन पैसा दिया था, वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि बुकिंग के नाम पर उनके साथ धोखा हो चुका है।

मामले की जानकारी पर्यटन विभाग तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हुई। पर्यटन अधिकारी दिनेश जांगड़े ने 23 अगस्त को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बोर्ड की ओर से फर्जी वेबसाइट के स्क्रीनशॉट और पीड़ित पर्यटकों के डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस अब इन सबूतों के आधार पर फर्जी वेबसाइट तैयार करने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस की जांच फिलहाल फर्जी वेबसाइट में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड पर केंद्रित है। इन नंबरों की जानकारी और पैसों के लेन-देन की कड़ियों के जरिए आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

इस मामले ने ऑनलाइन होटल और रिसॉर्ट बुकिंग करने वाले पर्यटकों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। सिर्फ गूगल सर्च में दिखाई देने वाली वेबसाइट को आधिकारिक मानकर भुगतान करना भारी पड़ सकता है। बस्तर आने वाले पर्यटकों को बुकिंग से पहले वेबसाइट और भुगतान की आधिकारिक पुष्टि करने की सलाह दी जा रही है।

































