RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देते हुए संगठन स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां बांटनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विभिन्न नगरीय निकाय क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। पार्टी ने इस जिम्मेदारी के लिए वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और अनुभवी पदाधिकारियों पर भरोसा जताया है।

बीरगांव से भिलाई तक दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी
कांग्रेस की ओर से जारी सूची के मुताबिक, रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के बीरगांव की जिम्मेदारी पूर्व मंत्रीडॉ. शिवकुमार डहरिया को पर्यवेक्षक के रूप में दी गई है। उनके साथ मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
वहीं भिलाई शहर के लिए धनेंद्र साहू को पर्यवेक्षक और दीपक दुबे को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। रिसाली में मोहन मरकाम को पर्यवेक्षक तथा कन्हैया अग्रवाल को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिली है।

भिलाई-चरौदा में कांग्रेस ने विकास उपाध्याय को पर्यवेक्षक और राजेंद्र साहू को सह-पर्यवेक्षक बनाया है।
कई नगरीय निकायों में भी नियुक्तियां
कांग्रेस ने बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। बैकुंठपुर की जिम्मेदारी राघवेंद्र सिंह को सौंपी गई है। वहीं शिवपुरी-चरचा में प्रशांत मिश्रा और सारंगढ़ में चातुरी नंद को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

इसके अलावा जामुल में प्रमोद दुबे, खैरागढ़ में छन्नी साहू और प्रेमनगर में भानुप्रताप सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। मारो क्षेत्र में सुनील महेश्वरी, नरहरपुर में आनंद पवार और कोंटा में अवधेश गौतम पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।
इसी तरह भैरमगढ़ में रेखचंद जैन और भोपालपट्टनम में सत्तार अली को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
संगठन को मजबूत करने पर फोकस
कांग्रेस की इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकाय चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे।
इन नेताओं को संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय समस्याओं और संभावित चुनावी मुद्दों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही उम्मीदवार चयन को लेकर स्थानीय स्तर से फीडबैक लेकर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपने की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

कार्यकर्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक
पर्यवेक्षक संबंधित निकाय क्षेत्रों में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। इस दौरान संगठन की मजबूती, बूथ स्तर की तैयारियों और संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा।
कांग्रेस की चुनावी रणनीति में इन रिपोर्टों की अहम भूमिका मानी जा रही है। टिकट वितरण से लेकर प्रचार अभियान की रणनीति तक, स्थानीय पर्यवेक्षकों से मिलने वाली जानकारी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
नगरीय निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दों और जमीनी संगठन की भूमिका अहम होती है। ऐसे में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर चुनाव से पहले संगठन में बेहतर तालमेल और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।



































