ODISHA NEWS. ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब छत्तीसगढ़ का एक युवक मंदिर की ऊपरी संरचना तक चढ़ गया। युवक काफी देर तक मंदिर के ऊपर अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा। जब श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। युवक की पहचान माधव गोपीनाथ नायक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बरगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल छत्तीसगढ़ के महासमुंद रोड क्षेत्र के कुटेला सरायपाली में रह रहा था।

मंदिर के अंलाबेढ़ा तक पहुंचा छत्तीसगढ़ का युवक
जानकारी के मुताबिक, माधव गोपीनाथ नायक किसी तरह श्री मंदिर के अंलाबेढ़ा तक पहुंच गया। इसके बाद वह नीचे उतरकर भोग मंडप और गुमुट के ऊपर भी घूमता नजर आया। युवक को मंदिर की इतनी ऊंचाई पर देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद युवक को नीचे लाया गया।

रोते हुए बोला- बंदर पर्स लेकर भाग गया
युवक से जब मंदिर पर चढ़ने की वजह पूछी गई तो उसने अजीबोगरीब सफाई दी। बताया जा रहा है कि माधव ने दावा किया कि एक बंदर उसका पर्स छीनकर मंदिर की तरफ ले गया था। उसका कहना था कि पर्स वापस लेने के लिए वह मंदिर की संरचना पर चढ़ गया। हालांकि, वह मंदिर के इतने ऊंचे हिस्से तक आखिर कैसे पहुंचा, इसका पूरा घटनाक्रम अभी स्पष्ट नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक, युवक लगातार रो रहा था और उसका व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था।

छत्तीसगढ़ के युवक की मानसिक स्थिति पर भी सवाल
मंदिर से नीचे उतारे जाने के बाद माधव गोपीनाथ नायक को पुरी सदर मुख्य चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण और उपचार कराया गया। अधिकारियों ने उसके परिवार से भी संपर्क किया। परिवार की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हो सकती है। हालांकि, उसकी वास्तविक मानसिक स्थिति और घटना के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि मेडिकल जांच और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मंदिर की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर में सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ का एक युवक मंदिर की ऊपरी संरचना तक आखिर कैसे पहुंच गया, यह सवाल अब चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर के संवेदनशील और ऊंचे हिस्से तक युवक के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और तत्काल प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि माधव मंदिर की संरचना पर किस रास्ते से चढ़ा और वह कितनी देर तक ऊपर मौजूद रहा। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक तो नहीं हुई। फिलहाल छत्तीसगढ़ के युवक माधव गोपीनाथ नायक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामले की जांच जारी है।





































