RAIPUR NEWS. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने महज 36 घंटे में मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लीक करने की पूरी योजना एक प्रोफेसर ने बनाई थी और उसे 11 हजार रुपए में छात्र को बेचा गया। पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया (38), भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर है। वह पिछले करीब एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र ले जाने का काम कर रहा था।

17 अगस्त को आरोपी को आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मिले। इसी दौरान उसने 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे को अपने घर ले जाकर खोलने के बजाय सुई और नुकीले औजार की मदद से उसमें छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल से अंदर रखे प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11 हजार रुपए में बेच दी। इसके बाद यह सामग्री दूसरे छात्रों तक पहुंची और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गई। 20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी मिली।

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 360/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने के लिए बड़े स्तर पर जांच शुरू की। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में पुलिस टीमों ने लगातार दबिश दी। व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की टाइमलाइन खंगालने के बाद पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज तक पहुंचने में सफलता मिली। उससे पूछताछ के बाद प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क की कड़ियां सामने आती गईं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर और प्रश्नपत्र वाले लिफाफे में छेद करने के लिए इस्तेमाल की गई सुई, सूजा और फेविकोल समेत अन्य सामग्री जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 और 10 तथा बीएनएस की धारा 316 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के साथ पांच छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग कितने छात्रों तक पहुंची, सोशल मीडिया पर इसे किस-किस ने आगे प्रसारित किया और इस पूरे मामले में फरार आरोपियों की क्या भूमिका थी। जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क के अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।





































