BILASPUR NEWS. महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना में बिल्हा ब्लॉक से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जांच में ऐसे 11 अपात्र हितग्राहियों की पहचान हुई है, जिनके परिवारों में शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था। महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच के बाद अब संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि वापस जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि जमा नहीं करने पर वेतन से रिकवरी की जाएगी।

सरकारी नौकरी के बावजूद कैसे मिलता रहा लाभ?
महतारी वंदन योजना के नियमों के मुताबिक, जिस परिवार में कोई सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत है, वह योजना के लिए पात्र नहीं है। इसके बावजूद बिल्हा विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के परिवारों की महिलाओं के नाम पर योजना की राशि का लाभ लिया गया।
जांच में शिक्षकों, सहायक शिक्षकों और अन्य शासकीय कर्मचारियों के परिवारों से जुड़े नाम सामने आए हैं। इनमें कुछ मामलों में स्वयं महिला कर्मचारी के योजना का लाभ लेने की बात भी सामने आई है।

जांच के बाद मचा हड़कंप
महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में अपात्र हितग्राहियों की पहचान होने के बाद शिक्षा विभाग में भी कार्रवाई शुरू हो गई है। बिल्हा के खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर योजना के तहत प्राप्त राशि वापस जमा करने के निर्देश दिए हैं।

इन 11 नामों पर हुई कार्रवाई
जांच में चिह्नित हितग्राहियों में रत्ना क्षत्री, गंगा बाई, रमा वर्मा, दिनेश्वरी कुर्रे, कुसुम यादव, गोदावरी कौशिक, रामेश्वरी साहू, कीर्ति पाटले, सविता कुर्रे, अमर ज्योति शांडिल्य और लक्ष्मी के नाम शामिल हैं। सूची में इनके पति या परिवार के सदस्यों के शासकीय सेवा में होने का उल्लेख किया गया है।

राशि नहीं लौटाई तो वेतन से होगी वसूली
बीईओ भूपेंद्र कौशिक के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में राशि वापस जमा नहीं की जाती है तो नियमानुसार वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने महतारी वंदन योजना में पात्रता की जांच और आवेदन प्रक्रिया की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने पर ऐसे और कितने अपात्र लाभार्थियों के नाम सामने आते हैं।

क्या है महतारी वंदन योजना की पात्रता?
महतारी वंदन योजना का उद्देश्य पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी महिला, जिसकी उम्र आवेदन वर्ष की 1 जनवरी को कम से कम 21 वर्ष हो, निर्धारित शर्तों के तहत पात्र हो सकती है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी योजना के लिए पात्रता रखती हैं।
वहीं, आयकर दाता परिवार तथा ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य सरकारी सेवा में है, योजना की पात्रता शर्तों के तहत लाभ से बाहर रखे गए हैं।
अब पूरे जिले में जांच तेज
बिलासपुर में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अन्य ब्लॉकों में भी हितग्राहियों के रिकॉर्ड का सत्यापन तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी अपात्र हितग्राही पाए जाएंगे, उनसे नियमानुसार राशि की वसूली की जाएगी। साथ ही गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने के मामलों में आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।





































