BALOD NEWS. बालोद जिले के देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम संबलपुर में हुई किसान गौकरण साहू की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जिस पिता ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी की सुरक्षा के लिए एक युवक को उससे दूर रहने की चेतावनी दी थी, उसी बात का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसके घर में घुसकर बेरहमी से हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाले गौकरण साहू ने बुधवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन की मृतक की नाबालिग बेटी से बातचीत को लेकर विवाद हुआ था। उस समय गौकरण साहू ने आरोपी और उसके परिवार को बुलाकर फटकार लगाई थी और बेटी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की साजिश रची।

30 जून की रात गौकरण साहू अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान छह आरोपी दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी से गांव पहुंचे। दो आरोपी बाहर निगरानी करते रहे, जबकि चार आरोपी दीवार फांदकर घर में घुसे और सो रहे किसान पर लाठी-डंडों व लकड़ी के राफ्टर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर परिजन जाग गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू को पहले राजनांदगांव और बाद में भिलाई के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे लगातार आठ दिनों तक कोमा में रहे। बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। सबसे भावुक पल तब आया जब उनकी दोनों बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई दी।

घटना के बाद देवरी पुलिस ने फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच तेज की। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई।

गौकरण साहू की मौत के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) जोड़ दी है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।





































