WASHINGTON NEWS. मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। वहीं, जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के भीतर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक करने का दावा किया है।

ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन हमलों में कुवैत स्थित अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर में अर्ली वॉर्निंग रडार और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में ईरान के 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों के दौरान ईरान के अहवाज क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई हालिया हमलों के जवाब में की गई।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की इच्छा जता रहा है, लेकिन अमेरिका को तेहरान की प्रतिबद्धता पर भरोसा नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

ईरान और अमेरिका के ताजा दावों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।






































