WASHINGTON NEWS. अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के लेक ल्यूसर्न क्षेत्र स्थित बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हुई उच्चस्तरीय वार्ता का पहला दौर समाप्त हो गया है। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में आयोजित इस बैठक में दोनों पक्षों ने आगे की बातचीत को संस्थागत रूप देने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने पर सहमति जताई है। यह कमेटी राजनीतिक स्तर पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी और विभिन्न तकनीकी समूहों के कामकाज की समीक्षा करेगी। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि वार्ता सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई।

परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों, समझौते के क्रियान्वयन और विवाद समाधान जैसे विषयों पर अलग-अलग कार्य समूह बनाए जाएंगे। दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर भी सहमत हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने कहा कि पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान में संघर्ष समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में राहत मिली है, कुछ फ्रीज की गई संपत्तियां जारी की गई हैं और पुनर्निर्माण से जुड़ी योजनाओं पर भी काम शुरू हुआ है। संयुक्त बयान के अनुसार, लेबनान में सैन्य गतिविधियों को रोकने और संघर्षविराम के पालन की निगरानी के लिए एक विशेष “डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल” स्थापित किया जाएगा। यह तंत्र संबंधित पक्षों और लेबनान के बीच समन्वय स्थापित करेगा, जबकि पाकिस्तान और कतर इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे।

वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रही। दोनों पक्षों ने किसी भी संभावित टकराव या गलतफहमी को रोकने के लिए एक विशेष संचार व्यवस्था (कम्युनिकेशन लाइन) स्थापित करने पर सहमति जताई है, ताकि समुद्री यातायात सुचारू बना रहे। वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि तेहरान को लेबनान में सक्रिय उन समूहों पर नियंत्रण करना चाहिए जिन्हें वह समर्थन देता है।

ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद वार्ता में कुछ समय के लिए तनाव भी पैदा हुआ, हालांकि मध्यस्थ देशों के प्रयासों से बातचीत आगे बढ़ी। पहले दौर की बैठक समाप्त होने के बावजूद तकनीकी स्तर की चर्चाएं पूरे सप्ताह स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में जारी रहेंगी। इन बैठकों का उद्देश्य अंतिम समझौते की शर्तों को स्पष्ट करना और 60 दिन की समयसीमा के भीतर व्यापक समझौते का मसौदा तैयार करना है।






































