TEHRAN NEWS. ईरान की राजनीति में इन दिनों अंदरूनी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू हो गई है। वहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि विदेश और सुरक्षा नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की भूमिका सीमित कर दी गई है, जिससे सत्ता के शीर्ष स्तर पर टकराव की अटकलें तेज हो गई हैं।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी संसद की आर्टिकल-90 कमेटी के डिप्टी चेयरमैन और वरिष्ठ सांसद होसैनअली हाजीदेलिगानी ने कहा है कि कई सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए जरूरी दस्तावेज और सबूत जुटा रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय आने पर संसद में औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

हाजीदेलिगानी ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता और विदेश मंत्री के कुछ बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति की भूमिका पर उठे सवाल
इजराइली मीडिया चैनल-14 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने विदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की भूमिका सीमित कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका के साथ संभावित बातचीत जैसे संवेदनशील मामलों में अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी की भूमिका अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि ये रिपोर्टें सही साबित होती हैं, तो इससे ईरान की सत्ता संरचना में कट्टरपंथी सैन्य धड़े के बढ़ते प्रभाव और राष्ट्रपति पद की घटती भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।






































