उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक शादी उस समय टूट गई जब फेरों के दौरान दूल्हे की असल पहचान सामने आ गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, दूल्हा खुद को “पाठक” (ब्राह्मण) बताकर शादी करने पहुंचा था। शादी की रस्में सामान्य तरीके से चल रही थीं। बारात का स्वागत, द्वारचार और जयमाला भी हो चुकी थी। लेकिन जैसे ही फेरे शुरू हुए, पंडित ने दूल्हे से उसका गोत्र पूछा, वह जवाब नहीं दे पाया।

बार-बार पूछने पर भी दूल्हा गोत्र नहीं बता सका, जिससे शक पैदा हुआ और वहीं हंगामा शुरू हो गया। जांच-पड़ताल में खुलासा हुआ कि दूल्हा ब्राह्मण “पाठक” नहीं बल्कि निषाद समुदाय से है।

यह बात सामने आते ही लड़की पक्ष नाराज़ हो गया और विवाद बढ़ते-बढ़ते पुलिस तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच देर रात तक पंचायत चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। अंततः शादी रद्द कर दी गई और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।

घटना के दौरान दुल्हन की मां को दूल्हे की असल जाति पता चलने पर सदमा लगा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहीं, लड़के और लड़की पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया।



































