BHILAI NEWS. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई देते हुए भिलाई की कला प्रशिक्षण संस्था गीत वितान कला केन्द्र के 65 छात्र-छात्राओं ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित 12वीं अंतरराष्ट्रीय नृत्य, संगीत, स्वर पाठ, नाटक एवं पेंटिंग प्रतियोगिता-महोत्सव में शानदार प्रदर्शन कर कई पुरस्कार अपने नाम किए।

काठमांडू स्थित फिल्म एंड टेलीविजन कैम्पस सभागृह, गौशाला में आयोजित इस महोत्सव में मणिपुर, मुंबई, असम समेत विभिन्न राज्यों और देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान गीत वितान कला केन्द्र के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी लोक संगीत (राजगीत) ‘अरपा पैरी की धार, महानदी हे अपार’ की समूह प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। इसके साथ ही रवीन्द्र संगीत, शास्त्रीय गायन, सुगम संगीत, नृत्य-नाटिका, वादन और चित्रकला में भी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर के नारी चरित्रों पर आधारित नृत्य-नाटिकाएं श्यामा, चित्रांगदा और चंडालिका की प्रस्तुति दी, वहीं वादन समूह में वंदे मातरम् और मां सरस्वती शारदे की धुनों ने सभागार में भारतीय सांस्कृतिक रंग बिखेर दिए। चित्रकला प्रतियोगिता में 14 विद्यार्थियों ने कैनवास पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में गीत वितान कला केन्द्र को समूह गायन (रवीन्द्र संगीत) ओपन कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार, वादन समूह में प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार, सेमी क्लासिकल नृत्य में द्वितीय पुरस्कार, एकल वादन में प्रथम व द्वितीय स्थान तथा रवीन्द्र संगीत (सीनियर वर्ग) में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुए। चित्रकला प्रतियोगिता के सीनियर और जूनियर वर्ग में भी विद्यार्थियों ने प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल कर संस्था का नाम रोशन किया।

इस उपलब्धि के बीच संस्था के निर्देशक गुरु मिथुन दास को संगीत और विविध कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय कंचनजंघा सम्मान से सम्मानित किया गया। नेपाल फिल्म कैम्पस की निर्देशिका मंजू गिरी, गौरी महाविद्यालय के प्रबंध निर्देशक भुवन बड़ाल और सोशल एक्टिविस्ट जगदीश भेटवाल ने विद्यार्थियों को सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए।
संस्था के मुख्य संरक्षक एवं ओए अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर, वी.के. मोहम्मद, महासचिव वंश बहादुर सिंह, बीमान दास, सरसीज घोष, रजनी सिन्हा, सोमेन कुंडू, मानव सेन, कला साहित्य अकादमी अध्यक्ष शक्ति चक्रवर्ती और शांतनु दासगुप्ता ने संस्था की इस उपलब्धि पर बधाई दी।



































