MAINPAT NEWS. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक से सामाजिक परंपराओं को नई दिशा देने वाली एक अनूठी शादी की खबर सामने आई है। यहाँ सामान्य रस्मों के उलट, दुल्हन खुद बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और शादी की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे की विदाई हुई।

यह मामला मैनपाट ब्लॉक के ग्राम सुपलगा का है। पैगा निवासी देवमुनी एक्का और सुपलगा निवासी बिलासुस बरवा की शादी 15 अप्रैल को क्रिश्चियन रीति-रिवाज से संपन्न हुई। दुल्हन देवमुनी के पिता मोहन एक्का एक बड़े किसान हैं और उनकी चार बेटियां हैं। घर में बेटे की कमी और भविष्य में सहयोग की जरूरत को देखते हुए उन्होंने अपनी बेटी के लिए ऐसे वर की तलाश की जो ‘घर जमाई’ बनकर उनके साथ रह सके।

विदाई के भावुक पल
शादी की रस्में पूरी होने के बाद जब दूल्हे की विदाई का समय आया, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। आमतौर पर दुल्हन की विदाई पर परिवार रोता है, लेकिन यहाँ दूल्हा और उसके परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। रात के भोज के बाद बारात दूल्हे को लेकर वापस दुल्हन के घर (पैगा) के लिए रवाना हुई।

क्या कहते हैं दुल्हन के पिता?
दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने बताया, मेरी 4 बेटियां हैं, इसलिए मैं बेटा (दामाद) लेकर जा रहा हूं। घर में सहायक की जरूरत थी, इसलिए ऐसा निर्णय लिया। समाज को यह भले ही उल्टा लग रहा हो, लेकिन इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

सोशल मीडिया पर इस अनोखी शादी और दूल्हे की विदाई का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।



































