DHAMTARI. छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीतियों से प्रभावित होकर आज पांच – पांच लाख के दो इनामी नक्सली टिकेश और प्रमिला ने धमतरी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। दोनों नक्सली दंपति हैं। समर्पित माओवादी धमतरी, गरियाबंद और कांकेर जिले में लगभग 15 साल से सक्रिय थे।

मिली जानकारी के अनुसार टिकेश वट्टी मूलतः धमतरी जिला के एकवारी गांव का रहने वाला है, जो नगरी एरिया कमेटी गोबरा LOS का सदस्य रहा। वहीं प्रमिला नेता ग्राम गोना गरियाबंद जिले की रहने वाली है।

जो ग़ोबरा सीतानदी एरिया कमेटी ACM की सदस्य रही है। दोनों ही खूंखार माओवादियों की गिनती में आते थे। यही वजह है कि टिकेश के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, आईडी लगाने जैसे 32 गंभीर मामले दर्ज हैं। तो वहीं प्रमिला के ऊपर 14 मामला दर्ज हैं। दोनों ही नक्सली 2009 से लगातार माओवादी संगठन में सक्रिय थे।

धमतरी पुलिस कप्तान आंजनेय वार्ष्णेय ने आत्मसमपर्ण को पुलिस की बड़ी सफलता बताया। वही पुलिस कप्तान ने यह भी दावा किया कि अब धमतरी जिले में नक्सली दंपति के आत्मसमर्पण के बाद लोकल एरिया से एक भी माओवादी नहीं बचे हैं। जिला में पुलिस लगातार माओवादी विरोधी अभियान चला रही है। नतीजन पुलिस को एक के बाद एक सफलता मिल रही है।

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वहीं समर्पित माओवादी टिकेश ने बताया कि घने जंगल में भूखा रहना पड़ता था और अक्सर नक्सली कमांडर पुलिस को मारने लूट करने दबाव बनाते थे। घने जंगल में रहना बहुत कठिन हो गया था। इससे पहले भी सरेंडर का मन बनाया था लेकिन सफल नहीं हुआ था। बहरहाल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् नक्सली दंपति को तत्काल 25000- 25000 रूपये नगद प्रोत्साहन राशि दिया गया है।





































