BALRAMPUR. जिले की पुलिस ने कुसमी क्षेत्र से एक ऐसे आदतन चोर को पकड़ने में सफलता हासिल की है जो मौज उड़ाने के लिए चोरी करता है। लाखों का माल पार करने के बाद बड़े शहरों में जाकर मौज काटता है। पैसे खतम तो फिर आकर देता था वारदात को अंजाम।
इस बार भी चोरी के पैसे से कोलकाता के सोनागाछी में अय्याशी करने के बाद लौटा था। इस बार भी चोरी की नीयत से घूम रहा था और पुलिस की पकड़ में आ गया। तब पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई।

इससे पहले बीते 11 मार्च को जिले के कुसमी में रहने वाले सेवानिवृत्त प्रधान पाठक बुधन राम के घर से नकदी एक लाख 20 हजार रुपये और एक मोबाइल की चोरी हो गई थी। फिर 23 सितंबर को तहसील कार्यालय के पीछे आशीष मिंज के शासकीय आवास का ताला तोड़कर टीवी समेत लैपटॉप और दूसरे सामान की चोरी हुई थी।
लगातार हो रही चोरी को देखते हुए कुसमी टीआई सुनील केरकेट्टा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। ये टीम रात के समय गश्त करने के साथ ही अन्य माध्यमों से चोरों पर नजर रख रही थी। बीते सोमवार की रात भी पुलिस गश्त पर निकली थी। तभी कुसमी निवासी साकिर अंसारी उर्फ छोटू संदिग्ध रूप से घूमते हुए मिला। वह इससे पहले भी चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है और अभी जमानत पर बाहर है। ऐसे में उसे पकड़कर पूछताछ की गई।

रात में बेवजह घूमने का कारण नहीं बता पाया तो उसे थाने लाया गया। थाने में उसने चोरी की दो वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। ये दोनाें चोरी उसने सेवानिवृत्त प्रधानपाठक बुधनराम और फिर शासकीय कर्मचारी आशीष मिंज के मकान में चोरी करना बताया। इसी दौरान पता चला कि वह चोरी किसलिए करता है।

एक चोरी से कोलकाता में मौज, दूसरी थी नाकाफी इसलिए फिर था फिराक में
पहले वाली चोरी में उसे जो 20 हजार रुपये मिले थे उसे लेकर वह पहले अंबिकापुर चला गया, वहां से कोलकाता के सोनागाछी क्षेत्र में करीब पांच महीने तक अय्याशी की। जब पैसे खत्म हो गए तो वापस कुसमी आ गया। एक बार फिर वह चोरी कर रकम जमा करना चाह रहा था जिससे फिर वह मौज उड़ाने के लिए शहर जाता। इसीलिए वह आशीष मिंज के आवास से माल चुराया। यहां से मिली रकम नाकाफी थी। अब और रकम जमा करने के लिए ही वह चोरी की नीयत से घूम रहा था और पकड़ा गया।





































