रायपुर। नवा रायपुर प्रभावित किसान संघ का सत्याग्रह 40 दिन पूरे कर चुका है। सरकार की ओर से बाताचीत की पहल की गई, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। किसानों का आंदोलन 3 जनवरी 2022 से लगातार जारी है।

नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के सचिव कामता प्रसाद रात्रे ने बताया कि किसान भाई 3 जनवरी से लगातार दिन-रात जुटे हैं। किसान दो काले आदेश को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनरत किसान सन् 2005 से लगे भू-क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध और ग्राम पंचायत कार्यरत रहते हुए नगरीय क्षेत्र की अधिसूचना 2014-2015 को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
किसान मंच के माध्यम से अधिकारियों की टीम प्रभावित गांव में सर्वे कर रही है। सर्वे में मकानों में लगानी, आबादी, घास जमीन में मकान, ब्यारा बाड़ी, अंगना की लम्बाई-चौड़ाई, कुल क्षेत्रफल एवं परिवार की कुल संख्या नोट की जा रही है। प्रभावित गांवों पर सर्वे के दौरान कहीं भी किसी प्रकार की विवाद की स्थिति नहीं बनी।
कामता प्रसाद ने बताया कि जब तक नवा रायपुर प्रभावितों को पूर्ण रूप से न्याय नहीं मिल जाता तब तक किसान आन्दोलन जारी रहेगा। किसान मंच के माध्यम से पूर्व आदेशित निर्णयों जैसे पुनर्वास योजना-2006, पुनर्वास पैकेज, पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन तथा सशक्त समिति की 12वीं बैठक के निर्णयों का पूर्णतया क्रियान्वयन होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के 40वें दिन इन्होंने निभाई सहभागिता
रूपन लाल चन्द्राकर अध्यक्ष, कामताप्रसाद रात्रे, फूलेश बारले कोषाध्यक्ष, ललित यादवकार्यकारिणी अध्यक्ष, गिरधर पटेल प्रवक्ता, धनेश्वरी पटेल द्वारा मंच संचालन, आनंद राम साहू, विनोद भाई, दिवाकर जांगडे सरपंच छतौना, छन्नू कोसरे सरपंच कयाबाधां, लक्ष्मी नारायण चन्द्राकर, भागीरथी साहू, विमला पटेल, सावित्री विश्वकर्मा, राजकुमार पटेल, लुकेश्वर साहू, कुलेश्वर वर्मा, हरिप्रसाद तिवारी, दौलतराम चन्द्राकर, पवन साहू, दुकालू सिन्हा, नवली बंजारे, इंद्र राम पण्डेल, कु• नेहा साहू, रमशीला साहू, दिनेश शर्मा प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी संघ, हिमानी यादव, बबला यादव , बलराम साहू, रिंकी कोशले, सुषमा गिलहरे, महंत रिखीदास, लक्ष्मी चन्द्राकर बसंती (अंजनी) यादव, माखन कुर्रे जिला पंचायत सदस्य , ओमप्रकाश साहू प्रदेश अध्यक्ष छग पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ रायपुर, दादा वीरेन्द्र पाण्डेय, खेलन साहू, दुर्गापाल,सुशील कुमार निमर्लकर, श्री मति त्रिवेणी निमर्लकर नरियरा जांजगीर चापा (केएसके महानदी कम्पनी भूमि विस्थापित किसान) आदि द्वारा सम्बोधित किया गया।




































