JAGDALPUR. जगदलपुर से एक बड़ी खबर सामने आयी हैं जहां आरोप है कि टीका लगाने के बाद बच्चे की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार मीनावती नाम की महिला के डेढ़ माह के बच्चे की मौत हो गई है। महिला ने गारेंगा के उपस्वास्थ्य केंद्र में टीका लगवाया था।
गारेंगा के उपस्वास्थ्य केंद्र में टीका लगवाने के बाद बच्चे की मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश जारी किए हैं। बकावंड ब्लाक के वनकोमार गांव की महिला मीनावती ने अपने करीब डेढ़ माह के शिशु को टीका लगवाया था।

टीके लगने के बाद मां मीनवती अपने बच्चे को लेकर घर वनकोमार चली गई। लेकिन रात में अचानक बच्चे को तेज़ बुखार हो गया एवं उसे सांस लेने में बड़ी तकलीफ होने लगी। मासूम बच्चे को बुखार से कांपते देखकर मीनावती घबरा गई।

सिरप पिलाने के बाद बच्चे की तबीयत में थोड़ा सा सुधार होने पर मां ने चैन की सांस ली और बचा भी कुछ देर के लिए सो गया। रात्रि 2-3 बजे के बीच बच्चे को अचानक फिर से तेज़ बुखार चढ़ गया और बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। दूसरे दिन सुबह 10 बजे मासूम बच्चे की मौत हो गई।

उरला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो नवजात की मौत
बता दें कि इसके पहले बीते दिन राजधानी रायपुर से भी नवजात शिशुओं की मौत के खबरें आयी थी। उरला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही से 2 नवजात की मौत मामले में मीडिया द्वारा दिखाई गई खबर का बड़ा असर हुआ। प्रसूताओं की डिलीवरी में लापरवाही बरतने वाली महिला डॉक्टर पूनम सरकार की सेवा समाप्त करते हुए सरकार ने डॉक्टर पूनम को बर्खास्त कर दिया है। जबकि केंद्र के प्रभारी डॉक्टर सुनील साहू को निलंबित कर दिया गया है।

बता दें कि 3 दिन पहले सामुदायिक केंद्र में 12 घंटे के भीतरसोनी साहू और अंजलि वर्मा नमक दो महिलाओं के प्रसव में डॉक्टर पूनम द्वारा लापरवाही बरतने के कारण दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। मीडिया ने इस पर प्रमुखता से खबर दिखाई जिसके बाद CMHO ने इस पर जांच टीम का गठन किया, जांच में डॉक्टर पूना सरकार दोषी पाई गई।
इसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं इस केंद्र की नर्सिंग स्टाफ द्वारा डिलीवरी के नाम पर रिश्वत मांगे का मामला वीडियो सामने आया था, अधिकारियों ने इस पर भी कठोर कार्रवाई की बात कही है। प्रसूताओं के लिए तत्काल पौष्टिक भोजन की निशुल्क सुविधा शुरू कर दी गई है।



































