RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन से निष्कासित किए गए 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी का रास्ता साफ कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक में निष्कासन से जुड़े 36 मामलों पर विचार के बाद पहली सूची में 20 नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया गया। इनमें रायपुर के आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी के साथ राजनांदगांव के सिद्धार्थ डोंगरे समेत कई नाम शामिल हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक संबंधित कांग्रेसजनों का निष्कासन अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया है।

आदेश प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैंदू की ओर से जारी किया गया है। समिति की बैठक 18 सितंबर को हुई थी और उसके फैसले के आधार पर 20 सितंबर को आदेश जारी किया गया। पहली सूची में रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है। आनंद कुकरेजा का मामला खास तौर पर चर्चा में रहा है। उनके बेटे अजीत कुकरेजा ने 2023 में रायपुर उत्तर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। बाद में आनंद कुकरेजा पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई की गई थी।

राजनांदगांव जिले से 10 नेताओं का निष्कासन रद्द किया गया है। इनमें सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, अंजू बंजारे, श्यामबती सिन्हा और सगीर खान के नाम शामिल हैं। उपलब्ध सूची के आधार पर राजनांदगांव से 10 नाम हैं। गरियाबंद से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू का निष्कासन रद्द किया गया है। वहीं कोंडागांव से सुशील सोनी और मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा को भी पार्टी में वापसी का रास्ता मिल गया है।

16 मामलों पर अभी फैसला बाकी
अनुशासन समिति के सामने रखे गए 36 मामलों में से 20 पर फैसला हो चुका है। शेष 16 मामलों पर अभी विचार जारी है। इनमें जोगी परिवार से जुड़े मामले और पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का मामला भी शामिल बताया गया है। जोगी कांग्रेस से जुड़े मामले को पार्टी के विलय से संबंधित होने के कारण शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर विचार किए जाने की बात सामने आई है।

कांग्रेस की ओर से जारी यह पहली सूची है। निष्कासन रद्द होने के बाद संबंधित नेताओं के लिए पार्टी संगठन में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है। बाकी मामलों में फैसला होने के बाद निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर अगली सूची जारी होने की संभावना है।





































