MUMBAI NEWS. टाटा समूह की लीडरशिप को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच गुरुवार को बड़ा फैसला हुआ। मुंबई में हुई टाटा समूह की बोर्ड मीटिंग में एन. चंद्रशेखरन का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल पांच साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होने वाला था। नई नियुक्ति के साथ चंद्रशेखरन टाटा समूह की कमान आगे भी संभालते रहेंगे। इस फैसले की खास बात यह है कि करीब एक महीने पहले ही चंद्रशेखरन ने संकेत दिया था कि वे मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्त नहीं होना चाहते। उन्होंने नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की जरूरत का भी जिक्र किया था।

अब बोर्ड के ताजा फैसले से टाटा समूह की भविष्य की लीडरशिप को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगा है। चंद्रशेखरन ने पहले बताया था कि फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के दौरान टाटा संस के एक बोर्ड सदस्य ने उनके पांच साल के कार्यकाल के विस्तार का समर्थन नहीं किया था। दूसरी ओर, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने बोर्ड बैठक से पहले सर्वसम्मति से उनके कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी। टाटा संस की भविष्य की कॉरपोरेट संरचना और रणनीति के लिहाज से यह मुद्दा भी महत्वपूर्ण है।

करीब छह महीने तक इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बाद चंद्रशेखरन ने नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की जरूरत बताई थी। उन्होंने दोबारा चेयरमैन बनने की इच्छा नहीं होने की बात भी कही थी। ऐसे में गुरुवार का बोर्ड फैसला खास माना जा रहा है। एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्टिंग से छूट देने की मांग खारिज कर दी थी। RBI के नियमों के तहत टाटा संस को लिस्टिंग से जुड़ी आवश्यकताओं का पालन करना पड़ सकता है।

2017 में संभाली थी टाटा संस की कमान
एन. चंद्रशेखरन ने वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें दूसरी बार पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। अब पांच साल के विस्तार के फैसले के साथ उनकी यह नियुक्ति चेयरमैन के तौर पर तीसरा कार्यकाल होगी।






































