MUMBAI NEWS. टाटा समूह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल 2032 तक बढ़ाने को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने (IPO) की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया गया है। कार्यकाल बढ़ने के बाद चंद्रशेखरन 70 वर्ष की उम्र तक टाटा संस की कमान संभालेंगे।

65 साल की रिटायरमेंट सीमा से आगे बढ़ा कार्यकाल
टाटा समूह की मौजूदा नीति के अनुसार एग्जीक्यूटिव पदों पर सामान्य रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष है, जबकि नॉन-एग्जीक्यूटिव भूमिका में 70 वर्ष तक बने रहने का प्रावधान है। चंद्रशेखरन अभी 63 वर्ष के हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। नए विस्तार के बाद वे 2032 तक चेयरमैन पद पर रहेंगे। यह टाटा समूह की कार्यकारी नेतृत्व व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

टाटा संस को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी
बोर्ड बैठक में टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को समूह के लिए बड़ा कॉरपोरेट कदम माना जा रहा है। हालांकि, लिस्टिंग से जुड़े नियामकीय और अन्य औपचारिक चरणों को पूरा करना होगा।

ट्रस्ट की मंजूरी पर टिकी निगाहें
कार्यकाल विस्तार के प्रस्ताव को आगे सालाना आम बैठक (AGM) में मंजूरी मिलनी है। टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में AGM की मंजूरी महत्वपूर्ण होगी। ट्रस्ट के भीतर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आने की बात कही गई है। नोएल टाटा के विरोध और वेणु श्रीनिवासन के समर्थन का उल्लेख किया गया है।

चंद्रशेखरन का टाटा समूह में लंबा सफर
एन. चंद्रशेखरन ने 1987 में टीसीएस से अपने करियर की शुरुआत की थी। अक्टूबर 2016 में वे टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने। अब कार्यकाल विस्तार के बाद वे 2032 तक समूह के शीर्ष नेतृत्व में बने रहेंगे।





































