RAIPUR NEWS. रायपुर में मोबाइल चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पिछले करीब एक साल से चोरी और लूटे गए मोबाइल को दूसरे राज्यों में भेजकर ठिकाने लगा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने 100 से ज्यादा मोबाइल चोरी और लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि रायपुर से चोरी या लूटे गए मोबाइल पहले ओडिशा भेजे जाते थे। यहां राजखरीयार निवासी भोदेव मेहर मोबाइल दुकान की आड़ में इन फोन का लॉक खोलता था। जिन मोबाइल का लॉक नहीं खुल पाता था, उनमें मदरबोर्ड बदलकर उन्हें इस्तेमाल के लायक बनाया जाता था। इसके बाद मोबाइल राजस्थान के कोटा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश परेटा तक पहुंचाए जाते थे। वहां चोरी के इन मोबाइल को करीब आधे दाम में बेच दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार खमतराई के रावाभाठा निवासी शहजाद अली उर्फ भिंडी (32) गिरोह का मुख्य आरोपी है। जेल में उसकी पहचान भाठागांव निवासी गौरव मझखंड और वीरभद्र नगर निवासी कृष दीप से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद तीनों ने मिलकर मोबाइल चोरी और लूट का नेटवर्क शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले शहजाद को पकड़ा।

पूछताछ में मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ओडिशा और राजस्थान से जुड़े आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद गिरोह के पांचों सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ज्यादातर चोरी किए गए मोबाइल बेच चुके थे, इसलिए बरामदगी में फिलहाल 14 मोबाइल ही मिले हैं।





































