BILASPUR NEWS. वर्ष 2018 के छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव को लेकर दायर चुनाव याचिका में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी लेखराम साहू ने पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा नेत्री सरोज पांडेय पर चुनावी शपथपत्र में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बैंक खाते की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरोज पांडेय को नोटिस जारी करते हुए आवेदन पर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की धारा 6 के तहत आवेदन पेश कर संबंधित बैंक खाते का रिकॉर्ड सीधे बैंक से मंगाए जाने की मांग की गई है।

बैंक से सीधे रिकॉर्ड मंगाने की मांग
लेखराम साहू की ओर से तर्क दिया गया कि सरोज पांडेय ने इस मामले में स्वयं गवाह के तौर पर पेश नहीं होने की बात कही है। ऐसे में उनसे प्रतिपरीक्षा करना संभव नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बैंक खाते से संबंधित वास्तविक जानकारी सामने लाने के लिए अदालत के माध्यम से बैंक रिकॉर्ड मंगाना जरूरी है।
आवेदन में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते का स्टेटमेंट और संबंधित रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष पेश कराने की मांग की गई है। अब हाईकोर्ट ने इस आवेदन पर सरोज पांडेय का पक्ष जानने के लिए उन्हें दो सप्ताह का समय दिया है।

2018 के राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है विवाद
दरअसल, मार्च 2018 में छत्तीसगढ़ की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा की ओर से सरोज पांडेय और कांग्रेस की ओर से लेखराम साहू मैदान में थे। चुनाव के दौरान ही सरोज पांडेय के नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत शपथपत्र को लेकर कांग्रेस ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
निर्वाचन अधिकारी ने आपत्तियों को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला चुनाव आयोग और राज्यपाल तक भी पहुंचा, लेकिन चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और सरोज पांडेय विजयी घोषित हुईं।

चुनाव परिणाम के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला
चुनाव परिणाम के बाद लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर सरोज पांडेय के शपथपत्र में कथित तौर पर गलत अथवा अधूरी जानकारी दिए जाने सहित अन्य आधारों पर चुनाव परिणाम को चुनौती दी। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अब बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज कोर्ट में मंगाने की मांग सामने आई है।

याचिकाकर्ता इससे पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर को गवाह के रूप में बुलाने की मांग भी कर चुके हैं। बैंक की ओर से थर्ड पार्टी इंफॉर्मेशन का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार किए जाने की बात भी याचिका में कही गई है। वहीं, आरटीआई के जरिए प्राप्त जानकारी को आधार बनाते हुए याचिकाकर्ता ने बैंक खाते के अस्तित्व और उससे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
अब हाईकोर्ट में सरोज पांडेय के जवाब के बाद यह तय होगा कि बैंक रिकॉर्ड मंगाने की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।






































