RAIPUR NEWS. राजधानी के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी देवांश राठौर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम गठित की है, जो घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच करेगी। प्रारंभिक जांच के अनुसार बैटरी कारोबारी साजिद अली, उसकी पत्नी राबिया बानो, बेटे इरशाद और दो बेटियों के शव शुक्रवार रात उनके घर से बरामद हुए थे। शुरुआती आशंका है कि साजिद ने पहले परिवार के चार सदस्यों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह फोरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच में सामने आया है कि गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे साजिद ने अपने बेटे इरशाद को फोन कर तुरंत घर बुलाया था। बताया जा रहा है कि उसने बेटे को डांटते हुए घर आने के लिए कहा। इसके बाद वह बाजार से रसगुल्ले और पेड़ा लेकर आया और परिवार के साथ मिठाई खाई गई। इसके बाद साजिद के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य घर से बाहर नहीं निकला।

CCTV में सुबह कुछ मिनट के लिए दिखा साजिद
स्थानीय लोगों और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे साजिद कुछ मिनट के लिए घर से बाहर निकला था। वॉशरूम जाने के बाद वह दोबारा घर के अंदर चला गया और फिर बाहर नहीं आया। पुलिस इसी समय-क्रम को आधार बनाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। शनिवार शाम पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए। देर रात करीब नौ बजे परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

आखिरी दिन तक सामान्य थी परिवार की दिनचर्या
पुलिस जांच में पता चला है कि घटना से एक दिन पहले तक परिवार की गतिविधियां सामान्य थीं। गुरुवार दोपहर साजिद की पत्नी राबिया बानो मोहल्ले के एक दर्जी के यहां कपड़ों का नाप देने गई थीं और रविवार तक कपड़े तैयार करने को कहा था। वहीं दोनों बेटियां भी शाम के समय किराएदार के घर गई थीं और बाद में वापस लौट आई थीं। जांच में अब तक परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार में किसी असामान्य स्थिति के संकेत नहीं मिले हैं।

आर्थिक परेशानी और नशे की लत की भी जांच
पुलिस के अनुसार साजिद अली मौदहापारा क्षेत्र में बैटरी रिपेयरिंग का कारोबार करता था। उसने ठेला लगाने से शुरुआत की थी और बाद में अपनी दुकान शुरू की। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह नशे का आदी था और पिछले कुछ महीनों से आर्थिक व मानसिक तनाव में चल रहा था। परिजनों के प्रति उसका व्यवहार भी पहले की तुलना में अधिक आक्रामक हो गया था। पुलिस अब आर्थिक स्थिति, कर्ज, पारिवारिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।






































