RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम में बिना किसी भर्ती प्रक्रिया और आवेदन के ही युवक को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। जब युवक इस पत्र को लेकर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा, तब पूरे मामले की पोल खुल गई। मामला कसडोल का है। पुलिस के मुताबिक हांडापारा निवासी हेमंत साहू को किसी ठग ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किए जाने का फर्जी पत्र दिया। पत्र में उसे 6 जुलाई 2026 से कसडोल कार्यालय में पदस्थ किए जाने की बात लिखी गई थी।

नियुक्ति पत्र लेकर हेमंत ज्वाइनिंग के लिए कसडोल पहुंचा। वहां उसके दस्तावेज निगम के महाप्रबंधक विनोद वर्मा को भेजे गए। दस्तावेजों की जांच हुई तो नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। इसके बाद निगम के महाप्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फर्जी नियुक्ति पत्र में निगम के महाप्रबंधक विनोद वर्मा के डिजिटल हस्ताक्षर को स्कैन कर इस्तेमाल किया गया था। पत्र को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में वह आधिकारिक दस्तावेज जैसा दिखाई दे।

हालांकि जांच में कई ऐसी खामियां सामने आईं, जिन्होंने फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। नियुक्ति पत्र में न तो कोई क्रमांक था और न ही तारीख। इससे भी बड़ी बात यह सामने आई कि कसडोल में निगम का कोई कार्यालय ही नहीं है। निगम की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अक्टूबर 2024 के बाद डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद के लिए कोई आवेदन नहीं मंगाया गया है। इस पद पर किसी तरह की नियुक्ति प्रक्रिया भी नहीं हुई और कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया।

अब पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच की जा रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया, हेमंत तक यह पत्र कैसे पहुंचा और क्या इसी तरह अन्य युवाओं को भी नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से रकम वसूलने का खेल भी हो सकता है। इसलिए इस एंगल से भी जांच की जा रही है।






































