WASHINGTON NEWS. अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इस घटनाक्रम से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार, जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर स्थित फ्यूल टैंक और मिसाइल डिपो पर हमला किया गया, जबकि बहरीन में अमेरिकी ड्रोन कमांड सेंटर को भी निशाना बनाया गया।

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर और हमले किए जाएंगे। जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं कुवैत ने कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय है और उसने कई मिसाइलों को रोकने में सफलता हासिल की है।

स्थानीय सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रातभर में ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की संख्या 300 से अधिक हो चुकी है।

कुवैत में ड्रोन हमले की भी खबर
रिपोर्टों के मुताबिक कुवैत के उत्तरी सीमा क्षेत्र की तीन चौकियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा एक ड्रोन ने कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया, जिसमें एक कर्मचारी घायल होने की सूचना है।






































