AMBIKAPUR NEWS अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में सर्पदंश से मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बलरामपुर और जशपुर जिले में हुई अलग-अलग घटनाओं में दो मासूम सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

बलरामपुर जिले के पीपरसोत गांव में घर के बाहर खाट पर सो रहे 3 और 4 साल के दो सगे भाइयों को देर रात करैत सांप ने डंस लिया। परिजन दोनों बच्चों को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

वहीं, जशपुर जिले के दोड़का गांव में जमीन पर सो रही 43 वर्षीय महिला को भी करैत सांप ने डंस लिया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

बीते एक महीने में सरगुजा संभाग में सर्पदंश से आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता के बावजूद कई लोग पहले झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है और मौत का खतरा बढ़ जाता है।

बारिश के मौसम में करैत सहित जहरीले सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश होने पर किसी भी तरह की झाड़-फूंक या अंधविश्वास में समय बर्बाद न करें और पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।






































