RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गरीबों के घर तोड़कर विधायक कॉलोनी बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधायक कॉलोनी के लिए वैकल्पिक स्थान तय करने की मांग की है। साथ ही बैज ने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कॉलोनी कहीं और बनाने की मांग करें।

दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव में कई परिवार पिछले 30 से 40 वर्षों से रह रहे थे। 29 जून को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उनके मकान ध्वस्त कर दिए, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 85 मकान भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीण अपने घर बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी।

बैज ने सवाल उठाया कि विधायक कॉलोनी के लिए गरीबों को उजाड़ने की क्या जरूरत थी, जबकि नया रायपुर में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो वहां कॉलोनी बनाकर गरीबों के आशियाने बचा सकती थी।
उन्होंने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि बारिश से पहले लोगों को बेघर कर दिया गया, लेकिन पुनर्वास से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। प्रभावित परिवारों को केवल एक कमरे का मकान दिया गया है, जबकि कई परिवारों में 20 से 25 सदस्य हैं। ऐसे में एक कमरे में उनका गुजारा कैसे होगा? बैज ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पाया कि जिन मकानों में लोगों को भेजा गया है, वहां बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन मकानों की कीमत साढ़े पांच लाख से साढ़े आठ लाख रुपये बताई जा रही है, उसका भुगतान आखिर कौन करेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसी गरीब का घर तोड़कर विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि गरीबों का घर उजाड़कर उन्हें आवास नहीं चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के अन्य विधायकों के साथ-साथ भाजपा विधायकों से भी इस मुद्दे पर आगे आने की अपील की।

बैज ने भाजपा पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान बच्चों की साइकिलें, किताबें और घरेलू सामान तक मलबे में दब गए। उनका आरोप है कि भाजपा के विधायक और सांसदों ने पहले ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि उनके मकान नहीं टूटेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार प्रभावित परिवारों से माफी मांगे, उन्हें उचित मुआवजा दे और उसी स्थान पर नए आवास बनाकर दे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नकटी गांव में उद्योगपतियों और कुछ प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए यह परियोजना लाई जा रही है। उन्होंने सरकार से पूरे क्षेत्र की जमीन का निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की।

वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्री रामविचार नेताम और गजेंद्र यादव ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि इस मुद्दे पर विधायक अनुज शर्मा जवाब देंगे। अन्य भाजपा विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।





































