BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) की जिला कमेटी ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

संगठन ने आरोप लगाया कि मंडल ने नियमित विद्यार्थियों की परीक्षा फीस 460 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये तथा निजी विद्यार्थियों की फीस बढ़ाकर 2000 रुपये कर दी है। इससे प्रदेश के हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

जिलाध्यक्ष त्रिलोचन साहू ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके अभिभावक मजदूरी, खेती-किसानी और छोटे-मोटे रोजगार से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। महंगाई और बेरोजगारी के दौर में परीक्षा शुल्क में इतनी बड़ी वृद्धि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर डालेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और परिवार बड़ी मुश्किल से शिक्षा का खर्च उठा पाते हैं। ऐसे में 300 से 400 रुपये की अतिरिक्त फीस भी कई परिवारों के लिए भारी साबित होगी।

ज्ञापन में संगठन ने बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने और नियमित व निजी दोनों श्रेणी के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस को पूर्ववत रखने की मांग की है।
AIDSO ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो विद्यार्थियों के हित में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






































