CALCUTTA HIGH COURT कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नेताओं पर अंडे फेंकने की बढ़ती घटनाओं को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

सरकार और पुलिस को सख्ती के निर्देश
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि नेताओं पर अंडे फेंकने जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद बढ़ीं घटनाएं
बताया जा रहा है कि इस तरह की घटनाओं की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंके जाने से हुई थी। इसके बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई टीएमसी नेताओं को भी इसी तरह विरोध का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री सब्यसाची दत्ता और विधायक कुणाल घोष पर भी अंडे फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं।

कोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती ने पूछा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो लोगों की गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। वहीं, जस्टिस पार्थसारथी चटर्जी ने कहा कि सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया और पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने को कहा।






































