AYODHAYA NEWS. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक लेन-देन तक पहुंच गई है। रविवार सुबह पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान तीन आरोपियों के मकानों पर ताला मिला, जबकि अन्य घरों में दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। पुलिस ने परिजनों के साथ-साथ पड़ोसियों से भी पूछताछ कर अहम जानकारियां जुटाईं।

पुलिस की कार्रवाई में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के घर बंद मिले। टिन्नू की मां के पहुंचने के बाद घर खोला गया, जहां अलमारी, बक्सों और अन्य दस्तावेजों की तलाशी ली गई। मनीष यादव के मकान में रह रहे किराएदारों से पूछताछ की गई, जबकि सुभाष श्रीवास्तव के पड़ोसियों से उसकी संपत्ति और रहन-सहन को लेकर जानकारी ली गई।

कौशलपुरी स्थित आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर पुलिस ने बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और लेखपाल भी मौजूद रहे, जिन्होंने संपत्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग किया। रुदौली में लवकुश मिश्रा के घर के बाहर पुलिस की निगरानी रही और परिवार से पूछताछ की गई।

अविनाश शुक्ला के किराए के मकान पर कोई नहीं मिला, जिसके बाद आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई गई। वहीं नया घाट स्थित रमाशंकर मिश्रा के घर पुलिस ने तलाशी लेकर कुछ दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। RSS की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि SIT निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

जानिए पूरा मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। 23 जून को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई और 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई। FIR में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया। उसी दिन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।






































