AYODHYA NEWS : अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट को आखिरकार अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम को मंजूरी दी गई। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए थे। उम्मीदवारों के चयन के लिए बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाई गई। दिल्ली-एनसीआर, पुणे और ओडिशा के संबलपुर में विशेषज्ञ टीमों ने आवेदनों का मूल्यांकन किया।

तीन नामों के पैनल में शामिल था जितेंद्र मिश्रा का नाम
सर्च कमेटी के सचिव समीर पांड्या ने मंगलवार को तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा था। इसके बाद बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में पैनल पर विचार किया गया और एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम को अंतिम मंजूरी दी गई।

इससे पहले CEO पद के लिए रिटायर्ड IPS अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडेय के नाम की भी चर्चा थी। हालांकि, अंतिम निर्णय में जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

पारदर्शी तरीके से हुई चयन प्रक्रिया
ट्रस्ट की ओर से बनाई गई सर्च कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि पैनल में शामिल नामों का चयन योग्यता और मेरिट के आधार पर किया गया है।
चयन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों के लिए 600 अंकों का मूल्यांकन फॉर्म तैयार किया गया था। 3570 उम्मीदवारों ने इसकी प्रक्रिया पूरी की। 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। इसके बाद 108 उम्मीदवारों को अलग-अलग ग्रेड में रखा गया।
अगस्त में ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद 17 उम्मीदवारों को आमने-सामने साक्षात्कार के लिए अयोध्या बुलाया गया। इनमें से 16 उम्मीदवारों ने इंटरव्यू में हिस्सा लिया।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके हैं। उन्हें 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। वह फाइटर और टेस्ट पायलट के तौर पर काम कर चुके हैं और उनके पास 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की Western Air Command की कमान भी संभाल चुके हैं। वह NDA पुणे के पूर्व छात्र हैं और 30 अप्रैल 2026 को सैन्य सेवा से रिटायर हुए। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल के अलावा AVSM और VSM जैसे सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।
CEO की नियुक्ति क्यों अहम?
राम मंदिर ट्रस्ट में पहले CEO की नियुक्ति को मंदिर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के प्रशासनिक विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अयोध्या में बढ़ते श्रद्धालु दबाव, मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियों और भविष्य की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में CEO की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।





































