BILASPUR NEWS. एयर एम्बुलेंस सेवा में कथित लापरवाही के कारण कैंसर मरीज की मौत से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिलासपुर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्ड वाइड प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में गंभीर कमी का दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 7.50 लाख रुपये ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के लिए भी कंपनी को अलग से मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता कृतिका अग्रवाल ने अपने कैंसर पीड़ित मामा बसंत चरण अग्रवाल को बेहतर इलाज के लिए 12 जुलाई 2025 को बिलासपुर से दिल्ली ले जाने हेतु एयर एम्बुलेंस सेवा बुक कराई थी। इसके एवज में कंपनी को 7.50 लाख रुपये अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया था।

शिकायत में कहा गया कि भुगतान लेने के बावजूद कंपनी समय पर एयर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं करा सकी। उड़ान का समय बार-बार बदला गया, जिससे मरीज को समय पर दिल्ली के अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इलाज में हुई देरी के अगले ही दिन मरीज की मौत हो गई।

मौसम का तर्क आयोग ने नहीं माना
सुनवाई के दौरान कंपनी ने खराब मौसम के कारण उड़ान रद्द होने का तर्क दिया। हालांकि शिकायतकर्ता ने विमानन प्राधिकरण के दस्तावेज प्रस्तुत कर बताया कि संबंधित दिन दिल्ली एयरपोर्ट पर सामान्य रूप से उड़ानों का संचालन हो रहा था। आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कंपनी का दावा स्वीकार नहीं किया।

आयोग ने माना सेवा में गंभीर कमी
दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद आयोग ने माना कि कंपनी ने समय पर सेवा उपलब्ध नहीं कराकर उपभोक्ता के साथ गंभीर लापरवाही की। आयोग ने कहा कि इस लापरवाही से पीड़ित परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गहरा मानसिक आघात भी पहुंचा।

आयोग के सदस्य आलोक पांडेय ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि सेवा प्रदाता यदि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करते हैं तो उन्हें इसके लिए कानूनी जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।





































