JANJGIR NEWS. जिले के ग्राम कोसमंदा में एक शादी समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब दुल्हन ने मंडप में ही नशे में धुत दूल्हे के साथ सात फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले के बाद शादी की सभी रस्में रोक दी गईं और बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, विवाह समारोह के दौरान दूल्हा शराब के नशे में इस कदर चूर था कि वह ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। मंडप में मौजूद लोगों ने जब उसकी हालत देखी तो माहौल असहज हो गया। दुल्हन ने भी अपने होने वाले पति की स्थिति को देखा और काफी सोच-विचार के बाद शादी न करने का निर्णय ले लिया।

दुल्हन के फैसले की जानकारी मिलते ही दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया। लड़के पक्ष के लोगों ने दुल्हन को मनाने की भरसक कोशिश की और शादी संपन्न कराने के लिए समझाइश दी, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रही। इस दौरान दुल्हन की मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उसका पूरा समर्थन किया।

मामला बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद विवाह समारोह रद्द कर दिया गया और बारात को बिना शादी के ही लौटना पड़ा।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह घटना हाल ही में तखतपुर क्षेत्र में सामने आए एक समान मामले की याद दिलाती है, जहां नशे में धुत दूल्हे की हरकतों से नाराज होकर दुल्हन ने सिंदूरदान से ठीक पहले शादी करने से इनकार कर दिया था। उस मामले में भी बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा था।
ग्राम कोसमंदा की इस घटना की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। कई लोग दुल्हन के साहसिक फैसले की सराहना कर रहे हैं और इसे सामाजिक जागरूकता तथा आत्मसम्मान का उदाहरण बता रहे हैं।






































