RAIPUR/BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस और प्रशासनिक संस्थाओं ने सख्त कार्रवाई की है। बिलासपुर में शादी का झांसा देकर युवती का शोषण करने वाले 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, वहीं रायपुर के धरसींवा क्षेत्र में नाबालिग बालिका के कथित अपहरण और दुष्कर्म मामले में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।

चार साल तक शोषण करने वाला आरोपी नागपुर से गिरफ्तार
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में आरोपी अजय कुमार बघेल को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले तीन महीने से फरार था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का वादा कर करीब चार वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान गर्भवती होने पर कथित तौर पर उसे दवा खिलाकर गर्भपात भी कराया गया। मामले में सरकंडा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

धरसींवा की नाबालिग बालिका मामले में बाल आयोग सख्त
वहीं राजधानी रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलयारी में 13 वर्षीय बालिका के कथित अपहरण और दुष्कर्म मामले को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में मामला सामने आने के बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर प्रकरण को पंजीबद्ध किया है।
जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कथित रूप से मामला बंद करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन बाद में वायरल हुए वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद जांच दोबारा शुरू की गई। नई जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।





































