JALAUN NEWS : जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक निजी अस्पताल की लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान चार वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव को अस्पताल के एक कमरे में बंद कर दिया और डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान कोंच कोतवाली क्षेत्र के भेड़ गांव निवासी रियाज खान (4) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गुरुवार तड़के करीब चार बजे बच्चे के पेट में तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उसे तत्काल उरई स्थित अनिका हॉस्पिटल ले जाया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उपचार शुरू करने से पहले पांच हजार रुपये जमा कराए। परिवार का कहना है कि अस्पताल में बच्चे को केवल ग्लूकोज चढ़ाया गया और उसकी हालत जानने के लिए कोई आवश्यक जांच नहीं कराई गई। इस दौरान उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने न तो समुचित इलाज किया और न ही समय रहते किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया।

परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन उन्हें वास्तविक स्थिति नहीं बताता रहा। पहले कहा गया कि बच्चे की हालत सामान्य है, जबकि बाद में वेंटिलेटर सुविधा न होने का हवाला देकर दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। परिवार का दावा है कि उस समय तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

मासूम की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार कौशल और अन्य कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए। परिजनों के अनुसार अस्पताल बंद करते समय बच्चे के शव को अंदर ही छोड़ दिया गया।

मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिनंदन प्रसाद ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





































