RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित पीएससी भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। बुधवार सुबह रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के रायपुर स्थित निवास पर छापेमार कार्रवाई की गई। सेक्टर-10, सड़क-44 स्थित उनके घर पर सुबह अधिकारियों की टीम पहुंची और दस्तावेजों समेत विभिन्न रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, दो इनोवा वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने घर के भीतर कई अहम दस्तावेज खंगाले। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कार्रवाई किस एजेंसी की ओर से की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय या आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की टीम शामिल हो सकती है। संबंधित एजेंसी ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि चयन प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र लीक किए गए और भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर की गई। जांच के केंद्र में पूर्व पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी हैं।

सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि एक निजी कंपनी से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद के तहत 45 लाख रुपये एक एनजीओ को दिए गए थे, जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके बदले परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए गए।

जांच एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने कथित रूप से उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। आरोप है कि ये प्रश्नपत्र आगे उनके बेटे और बहू तक पहुंचे, जिनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। वहीं सोनवानी के परिजनों का चयन डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर होने का भी आरोप है।





































