RAIPUR NEWS. ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आज देशभर में केमिस्ट संगठनों का विरोध देखने को मिला। छत्तीसगढ़ में भी इसका बड़ा असर दिखाई दिया, जहां करीब 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे। इनमें थोक और रिटेल दोनों तरह की दवा दुकानें शामिल हैं। राजधानी रायपुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में सुबह से मेडिकल स्टोर नहीं खुले, जिससे लोगों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, रायपुर में धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर की शाखाओं में मरीज दवा लेने पहुंचते रहे।

सरगुजा जिले में केमिस्ट संघ ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ बाइक रैली निकाली। दवा व्यापारियों ने अपोलो फार्मेसी के सामने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और दुकान बंद कराई। वहीं बस्तर जिले में करीब 300 और जगदलपुर शहर में लगभग 120 मेडिकल दुकानें बंद रहीं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए कई दुकानदारों ने इमरजेंसी संपर्क नंबर भी जारी किए।

रायगढ़ जिले में भी करीब 760 मेडिकल स्टोर बंद रहे। दवा विक्रेताओं ने रामनिवास टॉकीज चौक पर प्रदर्शन कर ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध जताया। यहां भी मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए गए। सूरजपुर जिले में भी मेडिकल दुकानों पर ताले लगे रहे।

दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित कर रही हैं। उनका आरोप है कि इससे पारंपरिक दवा व्यवसाय संकट में आ गया है। इस आंदोलन को Confederation of All India Traders, चेंबर ऑफ कॉमर्स और कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ का समर्थन भी मिला है।

इस मामले पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हड़ताल के बावजूद मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।



































